prayer for the sick - सामर्थभरी एक मिनट की प्रार्थना | Jesus Christ


prayer for the sick

सामर्थभरी एक मिनट की प्रार्थना
prayer for the sick


यह प्रार्थना एक मिनट की है। इसलिए गम्भीरतापूर्वक करें। फिर जिसको भी आप ये प्रार्थना भेजोगे, वो भी आपके लिए प्रार्थना करेगा।

परमेशवर पिता, येशू के नाम में मुझे आशीश दे जब मैं इस प्रार्थना को पढ रहा हूं। और उसको भी आशीश दें जिसने मुझे ये प्रार्थना एक विशेष तरीके से भेजा है।आज मेरे जीवन में अलौकिक  दरवाजों को खोल दे। मेरा उद्धार कर और मुझे बुराई से छुड़ा।

 हमें आपकी आत्मा का दूगना हिस्सा दें और  हमारा सब कुछ वापिस कर जो शैतान ने हमसे चुरा लिया था।

मेरे भावनात्मक स्वास्थ्य, शारीरिक स्वास्थ्य, आर्थिक समस्या, रिश्तेदारों, बच्चों, नौकरी, घर, वैवाहिक जीवन और मेरे पारिवारिक जीवन को येशू को नाम में आशीशित करे।


मैं शैतान के हरेक षड्यंत्र, योजना और  जो कुछ उसने हमारे खिलाफ में विचारा है उसको येशू के अभिन्न नाम से रद्द करता हूं। और मैं ये घोषणा करता हूँ :--

~कि कोई हथियार हमारे विरूध नहीं चलने पाए।

~मैं हरेक मरी हुई परिस्थितीयों मे जिंदगी की घोषणा करता हूं।

~और मैं आपका धन्यावाद करता हूँ कि, जब तक प्रभु आप न कहें तब तक कुछ नही होता।

~मैं ये सब  आशीषों को हमारे जीवन और हमारी परिस्थितियों में भविष्यवाणीपूर्वक बोलता हूं।


  • हमारा घर परिवार आशीषित हो ।
  • हमारा स्वास्थ्य आशीषित हो।
  • हमारा वैवाहिक जीवन आशीषित हो।
  • हमारी आर्थव्यवस्था आशीषित हो।
  • हमारी आथिर्क स्थिति आशीषित हो।
  • हमारा व्यवसाय आशीषित हो।
  • हमारा कारोबार आशीषित हो।
  • हमारे बच्चे आशीषित हो।
  • हमारे पौते-पौती आशीषित हो।
  • हमारे माता-पिता आशीषित हो।
  • हमारी सेवकाईयां आशीषित हो।
  • और, हमारे फैसलें आशीषित हो।
  • पति सही दिशा और पत्नी भी आपनी सही दिशा में चलने पाएं।
  • हमारा सब बकाया चुकाया जाए और हर कर्जा रद्द किया जाए।
  • हमारा हृदय, हमारी इच्छाएँ, प्रभु, आपकी परिपक्व इच्छा और योजना के अनुसार हमारे जीवन में हो।

यीशू के नाम में, आमीन।

इस प्रार्थना को करें, फिर इसे हरेक को जिसको भी जानते हैं भेज दें, कुछ घण्टों में ही अनगिनत लोग 
आपके लिए भी प्रार्थना करेंगे।

परमेशवर पिता , येशू के नाम में आपको और आपके परिवार को
आशिषित करे। Amen
 

Comments

  1. Can this prayer script be send to non Christian's for prayer in distress?

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