प्रेरितों, पास्टर और कलीसिया क्या है?



What are the apostles, pastors and churches?

प्रेरितों, पास्टर और कलीसिया क्या है?

आज भारत मे बहुत से प्रेरितों के पास्टारों की कलीसिया हैं आप ने कई बड़े - छोटे चर्चों के बारे में सुना होगा किसी चर्च में 2 लाख लोग हैं, किसी मे 80 हजार, किसी मे 20 हजार लोग है किसी मे 2 हजार किसी मे 1000 किसी मे 100 किसी चर्च में 50 लोग हैं

आप इनमे से कई चर्च में गए होंगे या इनके बारे सुना होगा

क्या उस कलीसिया में 5 प्रकार की सेवकाई आपको देखने मिली यानी उस कलीसिया के अंदर प्रेरित + भविष्यद्वक्ता + प्रचारक + पास्टर + शिक्षक = 5 फोल्ड मिनिस्ट्री आपको देखने को मिली ?
और लोगों को अन्य अन्य भाषा बोलते देखा सुना होगा होगा
लेकिन क्या आपको उस कलीसिया में अलग अलग वरदान प्राप्त विश्वासी वरदानों को इस्तेमाल करते हुए दिखाई दिए या सुनाई दिए ? 
यानी किसी को भविष्यवाणी का वरदान, किसी को अन्य अन्य भाषा बोलने का वरदान, किसी को अन्य अन्य भाषा के अनुवाद करने मे वरदान, किसी को चंगाई का वरदान, किसी को आश्चर्यकर्म करने का वरदान, किसी को ज्ञान का वरदान, किसी को बुध्दि का वरदान, किसी को आत्माओ को परखने का वरदान इस्तेमाल करते हुए लोग मिले या सुनाई दिए
यदि आपको ऐसी कलीसिया दिखाई दे या सुनाई दे तो जरूर बताएं
और यदि कलीसिया के अंदर 5 प्रकार की सेवकाई नही है तो क्यो नही हैं ?

यदि उस कलीसिया में वरदान प्राप्त लोग नही हैं तो क्यो नही हैं ?
आप अपने प्रेरित या पास्टर से जरूर पूछें ?
क्योंकि जिस कलीसिया में प्रेरित + भविष्यद्वक्ता + प्रचारक + पास्टर + शिक्षक नही पैदा हो रहे वो बांझ कलीसिया है जो बच्चे पैदा नही कर सकते
जिस कलीसिया में पवित्र आत्मा के 9 वरदानों से भरे लोग नहीं है वो कलीसिया सामर्थी, प्रज्वलित कलीसिया नहीं है वो कलीसिया चट्टान पर नही बनी है उस कलीसिया का सिर मसीह नही है तो कौन होगा आप अंदाज लगा सकते हैं


इसलिए सामर्थ के बिना परमेश्वर का राज्य नही फैल रहा क्योंकि न ही उसमे 5 प्रकार की सेवकाई है न ही वरदानों से भरे लोग है
1 कुरिन्थियों 4:20 में लिखा है "परमेश्वर का राज्य बातो में नही बल्कि सामर्थ में है।"
इसलिए इस सन्देश को पढ़ने वाले भाइयो आप की यदि आंखे खुलें तो आप एक ऐसी कलीसिया का निर्माण करें जिसका सिर मसीह हो और एक प्रज्वलित और सामर्थी कलीसिया की नींव डालें
प्रभु यीशु मसीह में आपका सेवक

Comments